सुंडू एक दिन वारि घरा पोहचा
माँ छो मे आके बोलयी:- कमीण, तू इतनी रात होगी कित था?
.
सुंडू:- माँ ,मे भरते हर के घरा टीवी देखु था .
.
मां:- ओये झूठ मत बोल, उनके घर के किवाड़ ते रात के 8 बजे ते बंद
से..
.
सुंडू:- पर माँ मने ते खिड़की मे ते सारी फ़िल्म देखी है,फिल्म मे एक
छोरी थी जो अपने कमरे मे बैठी हुई थी,तभी हीरो आवे है और
उसका हाथ पकड ले है और फिर उसकी पप्पी लेता होया उसने खाट
पे लुटा ले से.
.
इतने मे रामफल कमरे मे आया और एक करड़ा थप्पड सुंडू के
पया दिया...
.
मां:- ओ जी, क्यो बालक के मारो सो , फिल्म की स्टोरी ऐ
तो बता रहा था...
.
रामफल:- कमीण,बेरा ना के के देखे जावे से,भरते हर के घरा टीवी ऐ
कोनया
माँ छो मे आके बोलयी:- कमीण, तू इतनी रात होगी कित था?
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सुंडू:- माँ ,मे भरते हर के घरा टीवी देखु था .
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मां:- ओये झूठ मत बोल, उनके घर के किवाड़ ते रात के 8 बजे ते बंद
से..
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सुंडू:- पर माँ मने ते खिड़की मे ते सारी फ़िल्म देखी है,फिल्म मे एक
छोरी थी जो अपने कमरे मे बैठी हुई थी,तभी हीरो आवे है और
उसका हाथ पकड ले है और फिर उसकी पप्पी लेता होया उसने खाट
पे लुटा ले से.
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इतने मे रामफल कमरे मे आया और एक करड़ा थप्पड सुंडू के
पया दिया...
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मां:- ओ जी, क्यो बालक के मारो सो , फिल्म की स्टोरी ऐ
तो बता रहा था...
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रामफल:- कमीण,बेरा ना के के देखे जावे से,भरते हर के घरा टीवी ऐ
कोनया
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